रक्षा क्षेत्र में भारत का क्रांतिकारी कदम, अब भारत में बनेगे ये 101 घातक हथियार

अब भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाते हुए 101 रक्षा सामानों के आयात पर रोक लगा दी है। जैसे की असॉल्ट राइफल, आर्टिलरी गन, रडार, हल्के जंगी हेलिकॉप्टर। ये उन रक्षा उपकरणों की सूची है जो भारत कुछ महीने पहले तक दूसरे देशों से मंगाता था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी सेना को अब ये उपकरण नहीं मिल पाएंगे, बल्कि भारत अब अपनी जरूरत के इन सामानों और हथियारों को खुद बनाएगा।

दिसंबर 2020 से 69 उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान अपने एक संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2020 को आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया था। पीएम की इस अपील पर काम करते हुए सैन्य मामलों के मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने 101 सामानों की लिस्ट बनाई है और इनके आयात पर रोक लगाई है। 101 उपकरणों और हथियारों की सूची में से 69 के आयात पर तो दिसंबर 2020 से ही रोक लग जाएगी।

दिसंबर 2021 के बाद भारत व्हील्ड आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल, लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल, माइन एंटी टैंक, माइन एंटी पर्सनेल ब्लास्ट, ग्रेनेड जैसे उच्च तकनीक के आयात पर भी रोक लगा देगा और इसका देश में ही उत्पादन शुरू कर देगा।

दिसंबर 2022 तक भारत अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, हल्के रॉकेट लॉन्चर के आयात पर रोक लगा देगा।

दिसंबर 2023 तक Beyond Visual Range Air to Air मिसाइल, कम्यूनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-7C, बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट के आयात पर रोक लगाने वाला है।

दिसंबर 2024 से भारत छोटे जेट इंजन के आयात पर प्रतिबंध पर भी रोक लगा देगा।

दिसंबर 2025 से भारत लंबी दूरी के लैंड अटैक क्रूज मिसाइल की खरीदारी भी रोक देगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक लगाने की योजना को 2020 से 2024 के बीच धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि किसी भी हालत में सेना की कार्यक्षमता प्रभावित न हो, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस रोक की वजह से भारत में डिफेंस सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, क्योंकि भारत इन सामानों का उत्पादन अपने यहां ही करेगा।

बता दें कि इस बार के रक्षा बजट में 52000 करोड़ की भारी रकम घरेलू बाजारों से रक्षा उपकरणों की खरीदारी के लिए आवंटित की है।

0 replies

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *