दिल्ली सरकार के पास नहीं अपने कर्मचारियों को देने का पैसा, मांगी केंद्र से सहायता।

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हमारा देश लॉक डाउन के चौथे चरण के अंत मैं और कोरोना के मामलो मैं खास कोई कमी नहीं आयी हैं। कोरोना वायरस की महामारी से दिल्ली भी अछूती नहीं हैं और साथ दिल्ली की सरकार के सामने अपने कर्मचारियों को वेतन देने का संकट भी उत्पन्न हो गया है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जो की वित्तमंत्री भी हैं उन्होंने कहा कि अपने कर्मचारियों को केवल वेतन देने और ऑफिस के खर्च वहन करने के लिए 3500 करोड़ रुपये हर महीने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से दिल्ली के रेवेन्यू पर काफी असर पड़ा है। पिछले दो महीने में 500-500 करोड़ रुपये जीएसटी से आए हैं। अन्य स्रोतों से हुई आमदनी को भी जोड़ दें, तो कुल 1735 करोड़ रुपये का राजस्व आया है। उनके द्वारा वित्तमंत्री को पत्र लिख कर इसकी जानकारी दी और साथ ही केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये की सहायता तत्काल देने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके ।

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सोर्स : गूगल

आगे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन की वजह से दिल्ली सरकार का टैक्स रेवेनुए तक़रीबन 85 फीसदी नीचे चल रहा है। सिसोदिया ने कहा कि कहीं से भी रेवेन्यू आ नहीं रहा और केंद्र ने आपदा राहत कोष से जो पैकेज राज्यों को दिया, उसमें से भी दिल्ली सरकार को कुछ नहीं मिला।

दिल्ली के मुख्या मंत्री ने भी केंद्र सरकार से सहायता करने की अपील की हैं ।

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