स्पेशल आर्थिक पैकेज : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कहा और कैसे होगा इस्तेमाल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात देश की कमज़ोर अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए ’20 लाख करोड़ रुपये’ के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया था । और आगे उन्होंने कहा था की इस पैकेज के इस्‍तेमाल को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  विस्‍तृत जानकारी देंगी. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि भारत में आत्‍मनिर्भर बनने की पूरी क्षमता है. सरकार लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंचाने का प्रयास कर रही है. 

जैसे की प्रधानमंत्री मोदी ने आत्‍मनिर्भर के बारे मैं चर्चा की थी उसी तरीके से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी वह से ही शुरुआत की, आगे उन्होंने बताया की इस पैकेज को बहुत से एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत के बाद तैयार किया गया है । आगे उन्होंने कहा की इस  पैकेज के ज़रिए इकनोमिक ग्रोथ को बढ़ाना है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है.

सोर्स : गूगल

आगे वित्त मंत्री ने कहा कि, स्थानीय ब्रांड को दुनिया में पहचान दिलानी है।आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत है. जो स्‍थानीय स्‍तर पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, न कि अपने तक ही सीमित रहे.

आइये जानते हैं इस स्पेशल इकनोमिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या-क्या जानकारियां दीं :

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार : 

1- मौजूदा TDS और TCS दरों में 25 प्रतिशत कटौती की जा रही है. ये कटौती 14 मई से लागू होगी. इससे 50 हज़ार करोड़ की धनराशि लोगों को उपलब्ध होगी। ये कटौती 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी।

2-वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की तिथि बढ़ाकर 30 नवम्बर 2020 कर दिया गया है। चैरिटेबल ट्रस्ट, गैर कॉरपोरेट कारोबारों के लंबित टैक्स रिफ़ंड तत्काल जारी किए जाएंगे।

3- 15 हज़ार रुपये से कम सैलरी वाले कर्मचारियों का अगस्‍त तक का EPF सरकार देगी. इससे 72.22 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा. इस दौरान सरकार 12 फ़ीसदी नियोक्‍ता का हिस्‍सा और कर्मचारी का हिस्‍सा देगी.

4- पूर्व में इसे मार्च, अप्रैल और मई के लिए दिया गया था. अब इसे अगले तीन महीनों जून, जुलाई और अगस्त के लिए दिया जाएगा. इससे 2500 करोड़ की सहायता होगी.

5-अगले 3 महीने के लिए EPF योगदान संस्थानों और कर्मचारियों के लिए 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा रहा है. अगले 3 महीने के लिए सभी कर्मचारी अपना और उपक्रम नियोक्ता अंशदान 10 प्रतिशत का दे सकेंगे.

6- बिजली वितरण कंपनियों के समक्ष गंभीर संकट है. सभी कंपनियों को 90,000 करोड़ रुपये की आपात नकदी उपलब्ध कराई जाएगी.

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7-आवास और शहरी विकास मंत्रालय सभी राज्यों के रेरा संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश जारी करेगा, ताकि कोरोना संकट को प्राकृतिक आपदा मानते हुए आवासीय निर्माण परियोजनाओं के रजिस्ट्रेशन और पूरा होने की तिथि को अपने आप 6 महीने के लिए बढ़ा सकेंगे. इसके लिए अलग से आवेदन क़ई ज़रूरत नहीं है.

8- माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (MSME) के बिना गारंटी के स्वचालित तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाएगा. इससे 45 लाख MSME इकाइयों को लाभ होगा.

9-MSME के लिए 6 मेजर स्टेप उठाए जा रहे हैं. इस दौरान MSME को 3 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा.1 साल तक मूल धन नहीं चुकाना होगा. इससे 45 लाख MSME यूनिट को इसका फायदा होगा. जो लोन नहीं चुका पाए हैं, उन्हें भी लोन दिया जाएगा.

10- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, अब MSME की परिभाषा में भी बदलाव किया जा रहा है. इसकी निवेश सीमा को बढ़ाया जा रहा है. अब 1 करोड़ रुपये के निवेश वाली इकाई को भी सूक्ष्म माना जाएगा. जबकि 10 करोड़ के निवेश और 50 करोड़ के टर्न ओवर वाले उत्पादन आधारित उद्योग को लघु उद्योग माना जाएगा.

11-सरकारी ख़रीद में 200 करोड़ तक के टेंडर ग्लोबल टेंडर नहीं होंगे. इससे MSME को कारोबार करने में मदद मिलेगी. इससे उन्हें ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ाने में मदद मिलेगी. MSME को ई-मार्केट लिंक उपलब्ध कराए जाएंगे. अगले 45 दिन में MSME के सरकारी उपक्रमों और सरकार के सभी बकाया बिल क्लेयर किए जाएंगे.

12-रेलवे, सड़क, हाईवे और अन्‍य जगह काम कर रही निर्माण कंपनियों को राहत दी गई है. ये राहत 6 महीने के समय के रूप में है. 25 मार्च 2020 को और उसके बाद ख़त्म होने वाले प्रोजक्‍ट की रजिस्‍ट्रेशन और कंप्‍लीशन की डेट को 6 महीने आगे बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा.

अभी आगे आनेवाले दिनों मैं इस पैकेज के बारे मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी और भी जानकारी देंगी । 

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